Sunday, October 19, 2014

हिलमिल दीप जलाएं

मित्रों 
इस दिवाली  …

माटी के इस दीपक की छोटी सी है एक कहानी। 
माटी की है देह, नेह का तरल, और  परनाली। 
नेह देह में भरा, नेह की ऊर्जा बीच समानी। 
गुरु की चिनगी चिनगी पाकर दीपक देता जोत सुहानी। 
रामनारायण सोनी 

आओ इस दीवाली, हिलमिल दीप जलाएं --

पहला दीप- अंधेरों में पड़े उन आत्मीय रिश्तों को फिर रोशन करने के लिए। 
दूसरा दीप -उस चौपाल पर, जहाँ लोग अपने सुख दुःख साझा करते हैं। 
तीसरा दीप -उस बरगद के तले, जो अनवरत छाया और पंछी को प्रश्रय देता है। 
चौथा दीप - उस नदी के तट पर, जो बिना भेदभाव के सबको नीर देती है। 
पाँचवाँ दीप -उस आकाश को समर्पित हो, जो सबको प्राणवायु देकर अपान अपने स्वयं में समेट लेता है। 
छठवाँ दीप - उस शहीद समाधि पर धरा की आबरू के लिए धराशायी हो कर तिरंगे में लिपट गया। 
इसी तरह के कई डीप आपकी झोली में है।  एक-एक जलाएं और जहां को रौशनी से भर दें। 

आओ इस दीवाली, हिलमिल दीप जलाएं --

रामनारायण सोनी
शुभ दीपावली 

सर्जना मंच 

Sunday, October 12, 2014

स्वर्णिम यादें

स्वर्णिम यादें 

श्रीमती शांता सोनी, राष्ट्रपति पुरष्कार प्राप्त शिक्षक के मुख्या आतिथ्य में महाराजा अजमीढ़ की जयंती मनाई गई।

दिनांक १२ अक्टोबर २०१४  को ग्रुप का शानदार रंगारंग कार्यक्रम का आयोजन किया गया ।  इसके मूख्य आकर्षण थे-

१)  मेधावी छात्रों का सम्मान
२)  गेम्स
३ )  गायन नृत्य
४ )  चित्रकला
५ )  सोशल ग्रुप का परिवारी स्नेह सम्मलेन
६ )  सहभोज 


प्रस्तुत है मुख्य झलकियाँ ---
श्रीमती शीतल सोनी के कुशल संयोजकत्व में "स्वच्छ भारत - निर्मल भारत" विषय में चित्रकला प्रतियोगिता  का आयोजन किया गया।  यहाँ पर प्रतियोगियों के पुरस्कृत चित्रो तथा श्रीमती शीतल सोनी के प्रतिनिधि चित्रों के प्रदर्श भी  प्रस्तुत किये जा रहे हैं। श्री स्वर्णकार सोशल ग्रुप उनके सयोग की भूरि भूरि प्रंशा करता है। उनके इस सामाजिक कार्य के लिए कृतज्ञता ज्ञापित करता है एवं उनके उज्जवल भविष्य की शुभकामना देता है।श्रीमती शीतल सोनी का  कार्यक्रम में सम्बोधन यूट्यूब  पर उपलब्ध है।
लिंक:http://youtu.be/7SrMZIwJtbI
अध्यक्ष 
श्री स्वर्णकार सोशल ग्रुप, इंदौर  










श्रीमती शीतल सोनी की प्रतिनिधि रचनाएँ :







कार्यक्रम की झलकियाँ :-










श्रीमती शांता सोनी राष्ट्रपति पुरष्कृतं शिक्षक



http://youtu.be/rnN3r9dxwhQ

कुमारी अमृता सोनी द्वारा भाजन प्रस्तुति दी गई।  
http://youtu.be/jEkfmOockx0

कु अमृता सोनी 
अखिल भारतीय स्तर पर संगीत प्रतियोगिता विजेता
(Ph. D. nearly completion)  

श्रीमती प्रमिला बागा 
ग्रुप की अग्रिम पंक्ति की समाज सेवी, वर्तमान उपाध्यक्ष 
(Ph. D. nearly completion)


कलाकार - डॉ. विजय सोनी
(सर्जन, बॉम्बे, हॉस्पिटल,इंदौर)



Saturday, October 4, 2014

Achievers of Swarnkar samaj, SHEETAL SONI

SHEETAL SONI 

Shri Swarnkar Social Group (Samiti) feels a pride to introduce as a special identity Sheetal Soni who is a great achiever in the field of "Arts and Academic" Areas with multi fold segments. Below mentioned are her saliency of  different zones.

CARRIER OBJECTIVES

Seeking a "Challenging Position" to utilize her domain skills & abilities in the field that offers a working environment for professional growth while being resourceful, innovative & flexible. this has come true through successive rises as described here.

EDUCATIONAL QUALIFICATION:

1. Higher Secondary School Certificate from Marwadi H.S. School, Indore--1996
2. B. Com. from Shri Vaishnav College of Commerce, Indore-- 1999
3. Diploma in Terocecling/Astrology from Indian Institute of Occult Science--2007
4. Diploma in Computer Application from Open University Bhoj--2008
5. Master Arts in Sanskrit from Govt. Sanskrit College, Indore--20009
6. Master of Fine Arts (MFA) from Govt, New G.D.C., Indore--2012
7. Pursuing Ph.D. from D.A.V.V. Indore

Obviously her carrier avails and earns all opportunities to a consistent academic growth making pace  with developing society.

She performed consecutive work of:

Wall Art, conducting
Arts and Craft classes,
Art Exhibition with Piramal's Group,
Arranging successful Summer camps,
Worked as Arts and Craft Teacher for 12 years,
Working as H.O.D. of Indore, Mumbai, Pune Branches of Billabong High International School for one year,
Working as H.O. of Department of at Sd. Ps. International Girls School,

JUNCTURE OF HONOURS

A) Awarded as "Best Teacher" by Treasure Island Group, Indore,

B) NASA Space Settlement Contest, BHIS Indore, won the Artistic Merit Honourable Mention.


Personal Information:
Name: Sheetal Soni
Husband's name: Shri Rajesh Soni
Date of birth: 25 Feb. 1979
Hobbies: Art and Craft, listening melodius music

Address: Aniket Apartment, Flate No. 301,
15 Dhanvantari Nagar, Indore
Contact   91731 3222689,  919827264714,  919827204737
e-mail:art.sheetal.7@gmail.com

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Note: Her membership details shall be appended soon



Sunday, May 18, 2014

दिनांक १८. ०५ . २०१४ को सोशल ग्रुप की मीटिंग

दिनांक १८. ०५ . २०१४ को सोशल  ग्रुप की मीटिंग नाथूजी सभा गृह में संपन्न हुई

प्रस्तुत है झलकियाँ



































https://www.youtube.com/watch?v=Vq39e7SDQXA

Saturday, February 1, 2014

सामाजिक विकास के पाठ

सामाजिक विकास के पाठ





तमसो मा ज्योतिर्गमय


· समाज को अपनी आस्थाओं के प्रति दृढ़ बनाना आज की आवश्यकता है। समाज में समरसता निर्माण हो तभी संपूर्ण एकता संभव है।


· विज्ञानं ने अखिल विश्व को सिकोड़कर एक पड़ोस बना दिया है !” इस बात की सत्यता एवं प्रामाणिकता वर्तमान परिदृश्य की भौतिकता के आधुनिक दौर में हुए तकनीकी विकास को देखकर लगाया जा सकता है !


· जातियों के पास ये अधिकार है के वो निर्णयों में भाग लें जो की उनके जीवन और काम की स्थिति को प्रभावित करते हैं


· सिर्फ़ भाग लेने के साथ निर्णय लेने की शक्ति ही चिरस्थायी और सृजनात्मक है.


· "भागीदारी" एक ऐसा रिश्ता है जिसमे जो पक्षो के बीच सम्मति है उनमे कुछ हद्द तक बराबरी होती है.


· आपका काम समाज को निर्भरता से दूर लेजाने का है.


· योग्यता विकास के लिए आवश्यक है औरतों, बच्चों और जवानों में बराबर भाग को बढ़ाना .


· समाज के पास श्रोत होने चाहिए . योग्यता विकास ऐसे ही श्रोतों .. कर सकता है


· जागरूकता और योग्यता विकास की भागीदारी ही समाज, गैर सरकारी संस्थाओं और नागरिक प्राधिकारों के बीच ज्यादा समानता कर सकती है


· सामाजिक विकास जो की व्यक्तियों के परिश्रम द्वारा योजनाबद्ध है , बड़ी संख्या में समाज से सम्भव है.


· सबसे जरुरी है सामाजिक विकास के तत्वों को लगातार देखना


· दान ही सामाजिक निर्भरता में मददगार बनाती रामनाराय सोनी




सामाजिक विकास एक बहुआयामी पद है, इसे कुछ निश्चित परिभाषाओं या सीमाओं के अंतर्गत देखना कठिन है. सामाजिक विकास को परिभाषित करने से पहले हमें विकास को जानना ज़रूरी है. विकास का अर्थ एक निश्चित स्थिति से आगे की ओर प्रगति, परिवर्तन और उन्नति से है. प्रगति-परिवर्तन की यह मात्रा और गुण दोनों स्पष्ट रूप से दिखाई देने चाहिए. समाज के हर तबके की उसमे हिस्सेदारी हो कोई वंचित या छूट गए या खो गए लोग नहीं होने चाहिए और तभी हम मान सकते हैं कि विकास की दिशा और दशा सही जा रही है. सामाजिक विकास एक समग्र प्रक्रिया है जो अपने भीतर एक निश्चित समाज की समस्त संरचनाओं यथा -आयु, लिंग, सम्पत्ति तथा संस्थाओं जैसे -परिवार, समुदाय, वर्ग, शिक्षा आदि को समेटे है. उदाहरण के लिए समाज की संरचनाएं और उनसे जुड़े रीति-रिवाज एक आधुनिक समाज से पूर्णतया भिन्न होंगी. समाज मुख्यतया कुल, परिवार, रक्त सम्बन्ध आधारित होता है.
वर्तमान आधुनिक और उत्तर आधुनिक समाजों में विकास को शिक्षा के प्रसार से पैदा हुई जागरूकता और धर्म, जाति, भाषा, क्षेत्र के कमज़ोर होते हुए बंधनों, महिलाओं और विभिन्न समूहों की स्थिति में आये परिवर्तन और समाज में बन रही नवीन संरचनाओं व संस्थाओं के रूप में देखा जा सकता है.

अब नई संरचनाओं की बात की जाए जो सामाजिक विकास के प्रत्यक्ष परिणामों को दिखाती हैं ---

शिक्षा के प्रसार ने लोगों के मानसिक-बौद्धिक स्तर को उठाया , उनके लिए नए आर्थिक अवसरों और क्षेत्रों को जनम दिया . सबसे महत्वपूर्ण लोगों को अपने अधिकारों की जानकारी, उन्हें प्राप्त करने और उनकी सुरक्षा के विषय में सचेत किया. शिक्षा ने लोगों को उन्मुक्त किया , उन्हें परम्परागत बंधनों व रुढियों की फिर से समीक्षा करने को प्रेरित किया है. महिलाओं का पुरुषों के प्रभुत्व वाले क्षेत्रों में काम करना, देर रात तक काम करना ,समाज में लैंगिक भेदभावों का कम होना, लड़कियों की शिक्षा -व्यवसाय और विवाह के प्रति बदलती मानसिकता और समाज द्वारा उनकी स्वीकृति. ये सब विकास की ही प्रक्रिया का अंग हैं. ये सब सामाजिक विकास के विविध पहलुओं को दिखाता है.सामाजिक विकास की बात करते समय हम राजनीति और अर्थ को उपेक्षित नहीं कर सकते. क्योंकि यही किसी भी समाज को चलाने वाली दो प्रमुख चालक शक्तियां हैं, बहुत सीमा तक विकास प्रक्रिया की सफलता-असफलता इन्ही दो बिन्दुओं पर परखी जाती है. आय की विषमताएं और आर्थिक अवसरों और उनसे पैदा होने वाले सामाजिक तनावों आदि को मुख्य रूप से देखा जाना चाहिए. लेकिन सामाजिक विकास केवल इन्ही दो बिन्दुओं पर नहीं आँका जा सकता क्योंकि ऐसा देखा गया है कि कई देशों में आर्थिक या राजनीतिक विकास तो हुआ लेकिन सामाजिक दृष्टि से पिछड़ापन और सामंती समाज की प्रथाएं बनी रहीं है..जैसे मध्य पूर्व के देशों जैसे ईरान या सउदी अरब में हम देखते हैं कि अर्थव्यवस्था तो पर्याप्त विकसित हैं लेकिन लोगों को नागरिक स्वतंत्रताएं नहीं मिली हैं. महिलाओं की सार्वजानिक भागीदारी पर बहुत सी बंदिशें हैं. गरीबी और भुखमरी की गंभीर समस्या, जातिवाद और आरक्षण की राजनीति का बढता प्रभाव, ये सब सामाजिक विकास की बड़ी खामियां हैं.
सामाजिक विकास की बात करते वक़्त हम आर्थिक उदारीकरण, वैश्वीकरण और आधुनिक संचार/सूचना तकनीक के पक्ष को रेखांकित करना नहीं भूल सकते. क्योंकि ये महज़ एक प्रक्रिया नहीं अपितु अपने आप में एक क्रान्ति है, जिसने सामाजिक विकास की प्रक्रिया की गति को तीव्रतर कर दिया है..सूचना/ संचार क्रांति ने सभी परम्परागत सामाजिक-सांस्कृतिक बंधनों को तोड़ दिया है या यूँ कहें कि उन्हें एकदम हाशिये पर धकेल दिया है अब हमारे सामजिक सम्भंधों को बनाये रखने और उन्हें विस्तृत करने में मोबाइल फोन, पर्सनल कंप्यूटर, फेसबुक, ट्विटर महत्वपूर्ण भूमिका निभाने लगे हैं.
"संस्कृति" "ग्लोबल" होती जा रही है और "ग्लोब" "लोकल" हो रहा है. अब चूँकि हर सवाल का जवाब गूगल या याहू पर उपलब्ध है, ऐसे में समाज और उसका विकास केवल अपने आस-पास के वातावरण से नहीं अपितु वैश्विक सन्दर्भों से भी प्रभावित होता है. उदाहरण के लिए सरकार जब भी सामाजिक सरोकारों से जुडी कोई नीति/योजना बनाती है फिर चाहे वो जनसँख्या नियंत्रण, शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा या चाहे क़ानून व्यवस्था का मुद्दा हो.. हम तुरंत उसकी तुलना विश्व के विभिन्न हिस्सों में चल रही वैसी ही अन्य योजनाओ से करते हैं..उसे जांचते हैं और उसे अपने सन्दर्भ में लागू करने के लिए सुझाव ढूंढ लाते हैं.
अंततः सामाजिक विकास का कोई निश्चित प्रतिमान या खाका नहीं हो सकता. सामाजिक विकास कहने और देखने में भले ही एक सामूहिक प्रक्रिया है लेकिन इसके प्रभाव और परिणाम व्यक्तिगत स्तर पर ज्यादा बेहतर ढंग से देखे जा सकते हैं और इसलिए विकास को विभिन्न सन्दर्भों जैसे आर्थिक सशक्तिकरण, शिक्षा, रोज़गार, स्वास्थ्य और दूसरी सामजिक सुरक्षा की गुणवत्ता युक्त उपलब्धता आदि में देखना होगा. आधुनिक समाज में अपनी पुरानी सामाजिक-सांस्कृतिक विरासत का तालमेल मान्यताओं के साथ बिठाना विकास के मुख्य मुद्दे हैं.
अतः हमारे लिए एक समग्र और समावेशी विकास प्रक्रिया की आवश्यकता है.जिसमे सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक लाभों का समान और न्यायपूर्ण वितरण भी शामिल हो साथ ही हमें ये भी समझ लेना चाहिए कि सामाजिक विकास कोई नीति निर्माण, सरकारी कानूनों या निर्णयों से निर्देशित या नियंत्रित होने की चीज़ नहीं है इसके बजाय इसका सीधा सम्बन्ध प्रगतिशील मानसिकता, समय के अनुसार खुद को ढालने और सामंजस्य बिठाने और नए तथा पुराने के बीच एक समन्वय पर आधारित जीवनशैली से है.

रामनाराय सोनी














Wednesday, January 22, 2014

सोशल ग्रुप के स्थापना दिवस की २० वीं वर्षगांठ

दिनांक १९. जनवरी को सोशल ग्रुप के स्थापना दिवस की २० वीं वर्षगांठ मनाई गई. बड़ी संख्या में सदस्यों ने इसमें भाग लिया।  इस अवसर पर पिछले एक वर्ष के विभिन्न सामाजिक सेवा कार्यक्रमों और सांस्कृतिक गतिविधियों का सचिव महोदय द्वारा वचन किया गया। तत्पश्चात तत्कालीन समिति अध्यक्ष का द्विवर्षीय कार्यकाल पूरा हो जाने पर निर्वाचन संपन्न हुआ।  अत्यंत हर्ष का विषय है कि वर्त्तमान अध्यक्ष को निर्विरोध पुनः चुना गया। इस अवसर पर नए द्विवार्षिक कार्यकाल हेतु समाज में विभिन्न बौद्धिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन करने के प्रस्ताव अनुमोदित हुए।

प्रस्तुत है समारोह के कुछ छाया चित्र