आंसू
तीन तरह के,
सभी खरे आंसू.
प्रेम के, हंसी के आसू
रुदन के, विलाप के आंसू
कुटिलता के, मगरमच्छ के
आंसू
प्रेम के, रुदन के गर्म हैं
आंसू
पानी न समझ लेना मर्म है
आंसू
भावना भर कर ह्रदय उगला
तन-मन को भिंगो देता आंसू
अपनी जुबाँ में बोलते है
आंसू
धडकनों का पता देते आंसू
अंतर के भेद खोलते आंसू
वेदना को तौलते है आंसू
अपने संग हमें ले चलते है
आंसू
अंचल में झेलता आंसू कोई
अंजन को घोलता आंसू कोई
करुणा से हमें भरता आंसू कोई
दिल को गुदगुदाता आंसू कोई
भीतर में उतरता आंसू कोई
कोई दिल के छाले बताता है
आंसू
कोई साथ सिसकी भी लाता है
आंसू
कोई प्रेम गंगा बहाता है
आंसू
कोई भक्त मधुबन में बोता है
आंसू
कहीं कृष्ण, चरणों को धोते
हैं आंसू